दोस्तों अगर कोई मुझसे यह सवाल करें कि तुम्हारे लिए इस दुनिया में सबसे अनमोल चीज क्या है? तो इसका उत्तर मैं सिर्फ एक ही शब्द में दूंगा वह है समय। जी हां समय, समय किसी के लिए कभी नहीं रुकता हमेशा टिक-टिक टिक-टिक चलता रहता है और एक बार जो समय निकल गया उसे आप लाख कोशिशों के बाद भी वापस नहीं ला सकते। समय की यही प्रकृति या कहे तो स्वभाव है। तो अगर आपको सफल होना है तो इस अनमोल समय को सही तरीके से उपयोग करना होगा आज मैं आपसे इसी बारे में बात करूंगा और आपके अंदर उस आग को जलाने की कोशिश करूंगा जो आपको आपकी सफलता के करीब ले जाएगी।
जिंदगी में अगर सफल होना है तो आपके अंदर एक ही चीज होनी चाहिए वह सफलता की भूख अगर सिर्फ सोचने से ही सब कुछ मिल जाता तो आज इस दुनिया में असफल लोगों की तादाद इतनी ज्यादा न होती। सोचना जरूरी है लेकिन सिर्फ सोचते रहना बेहद खतरनाक है। जो इंसान ज्यादा सोचता है और काम कम करता है वह कभी सफल नहीं हो सकता। अभी आप लोगों के मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि कैलाश तुम्हें क्या पता? मेरी लाइफ में कितनी प्रॉब्लम है? मेरे ऊपर पेरेंट्स का प्रॉब्लम है, घरवालों का प्रेशर है, पैसे नहीं है, जिम्मेदारियां हैं। तो भाई मुझे तुम एक सवाल का जवाब दो कि किसकी लाइफ में प्रॉब्लम नहीं होती किसकी लाइफ में प्रॉब्लम नहीं है। प्रॉब्लम होती ही इसलिए हैं ताकि तुम उन प्रॉब्लम से लड़कर खुद को ओर मजबूत बना सको और इस दुनिया में अपनी उपस्थिति को जाहिर कर सको। और तुम्हारी लाइफ की प्रॉब्लम को कोई और दुर नहीं करेगा तुम्हें खुद ही सब कुछ करना पड़ेगा उनसे लड़ना पड़ेगा और उनको हराना पड़ेगा। दुनिया सिर्फ तुम्हारी प्रॉब्लम का मजाक बना सकती है इसके अलावा और कुछ नहीं करेगी ये दुनिया, बड़ी जालिम है यह दुनिया। सबको सिर्फ अपनी पड़ी है इसलिए दूसरों के भरोसे कभी मत रहना अकेले लड़ना सीखो और जितना भी।
सफलता सिर्फ तीन चीजों से मिलती है प्रयास, धैर्य और संघर्ष। सबसे पहले आपको प्रयास करना होगा उसके बाद धैर्य रखना होगा और अगर इनसे भी काम ना बने तो कड़ा संघर्ष करना होगा। पहाड़ की चोटी पर चढ़ा हुआ इंसान तो हमें दिखता है मगर ये नहीं दिखता की कितनी कोशिश करने के बाद वह चढ़ा होगा, कितनी बार वह फिसला होगा, उसके रास्ते में कितनी बड़ी मुश्किलें आई होंगी, यहां तक कि उसने अपनी जान भी दांव पर लगा दी उस पहाड़ की चोटी पर चढ़ने के लिए। लोगों को सिर्फ सफलता दिखाई देती है पर उसके पीछे का परिश्रम और संघर्ष सिर्फ वही इंसान बता सकता है जिसने खुद संघर्ष किया हो।
शेर जंगल का राजा होता है इसलिए नहीं कि वो सबसे ज्यादा ताकतवर है, ताकतवर तो हाथी भी है और इसलिए भी नहीं की वह सबसे बड़ा जानवर है। शेर से भी बड़े-बड़े जानवर जंगल में रहते हैं। शेर राजा इसलिए होता है क्योंकि उसे खुद पर विश्वास होता है। उसे अपनी ताकत पता होती है। इस वजह से जंगल का हर जानवर उससे डरता है। अब यह फैसला करना तुम्हारे हाथ में है कि तुम्हें शेर बनकर जीना है या गीदड़ बन कर।
क्या सिर्फ गुमनामी में जीना चाहते हो, गुमनाम बनकर आए थे और गुमनाम बनकर चले जाओगे। फिर जानवर और इंसान में फर्क ही क्या रह जाएगा। पेट भरने के लिए तो जानवर भी जीते हैं भाई। लेकिन अगर इंसान का जीवन तुम्हें मिला है तो कुछ ऐसा करो कि दुनिया तुम्हें मरने के बाद भी याद रखें, तुम्हारे उदाहरण दिए जाए। अब यह तुम तय करोगे कि तुम्हें शेर बनना है या शेर की गुलामी करनी है। दोस्त अगर तुम्हें कुछ करना है ना तो तुम इंतजार मत करो सही समय का, यही समय है कुछ कर दिखाने का। अगर अभी नहीं तो कभी नहीं। एक बार समय निकल गया ना तो फिर पछताते फिरोगे कि उस समय कुछ कर लेता तो आज जिंदगी ऐसी ना होती। मेरी इस बात को याद रखना कोई भी काम आसान नहीं होता और कोई भी आसान काम करन से कोई बड़ा नहीं होता। इसलिए अगर प्रॉब्लम आ रही है तो उनका डटकर मुकाबला करो, लड़ो उनसे और हिम्मत है तो जीत कर दिखाओ। इसलिए जब तक तुम्हें तुम्हारी मंजिल ना मिल जाए तब तक रुके बिना लगे रहो। और दिखा दो इस दुनिया को तुम में कुछ बात है। कुछ तो है तुम में जो हजारों की भीड़ से तुम्हें अलग बनाती है। और वह बात क्या है यह सिर्फ तुम जान सकते हो। इसलिए अब से तुम्हारा समय शुरू।
जाओ और करो कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे तुम्हारे जैसा।




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